बारिश में सहारा, पढ़ाई को प्रोत्साहन, मास्टरमाइंड टीम ने बांटी खुशियां.....
बारिश का सहारा,पढाई को प्रोत्साहन, मास्टरमाइंड टीम ने बांटी खुशियां.....
कोरबा संवाद न्यूज- सामाजिक सरोकारों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता निभाते हुए बालको मास्टरमाइंड टीम ने कोरबा जिले की माखुरपानी ग्राम पंचायत के आश्रित गांवों में जरूरतमंद किसानों, महिलाओं, बुजुर्गों और स्कूली बच्चों के लिए सेवा एवं सहयोग का कार्यक्रम आयोजित किया। इस दौरान किसानों, महिलाओं और बुजुर्गों को बारिश के मौसम को ध्यान में रखते हुए छातों का वितरण किया गया, वहीं स्कूली बच्चों को पुस्तकें, कॉपियां, पेंसिल सहित अन्य शैक्षणिक सामग्री प्रदान की गई। कार्यक्रम के दौरान शैक्षणिक सामग्री पाकर बच्चों के चेहरों पर खुशी साफ झलक रही थी। ग्रामीणों ने बताया कि ऐसे सहयोग से बच्चों को पढ़ाई के प्रति प्रोत्साहन मिलता है और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को भी राहत मिलती है।
वहीं छाता प्राप्त करने वाली महिलाओं और बुजुर्गों ने मास्टरमाइंड टीम के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि बारिश के मौसम में यह छाता उनके लिए किसी चलते-फिरते घर से कम नहीं है। खेती-किसानी के दौरान अचानक बारिश होने पर यह काफी उपयोगी साबित होगा और उन्हें तेज बारिश या गरज-चमक के बीच पेड़ों के नीचे शरण लेने की मजबूरी नहीं रहेगी। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कृषि विभाग, कोरबा के देवेंद्र कंवर रहे। उन्होंने किसानों से संवाद कर खेती-किसानी की वर्तमान स्थिति, फसलों की तैयारी तथा शासन की विभिन्न कृषि योजनाओं के क्रियान्वयन की जानकारी ली। इस दौरान किसानों ने भी अपनी समस्याएं खुलकर रखीं, जिनमें कृषि संबंधी विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हुई। कई समस्याओं का मौके पर ही समाधान किया गया, जबकि अन्य विषयों को संबंधित विभाग तक पहुंचाने का भरोसा दिलाया गया। मास्टरमाइंड टीम द्वारा लगातार किए जा रहे सामाजिक कार्यों की सराहना करते हुए भविष्य में भी इसी तरह ग्रामीण क्षेत्रों में सहयोग जारी रखने की अपेक्षा जताई। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने टीम के सदस्यों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे प्रयास समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के साथ जरूरतमंद लोगों के जीवन को भी आसान बनाते हैं। इस अवसर पर कृषि विभाग देवेंद्र कंवर ने कहा कि मास्टरमाइंड टीम लंबे समय से ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा, सामाजिक जागरूकता और जनसेवा से जुड़े कार्यों में सक्रिय भूमिका निभा रही है। टीम का उद्देश्य केवल सामग्री वितरण तक सीमित नहीं, बल्कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक सहयोग और संवेदनशीलता पहुंचाना है। ग्रामीणों ने भी इस पहल को प्रेरणादायी बताते हुए ऐसे सामाजिक अभियानों को निरंतर जारी रखने की अपील की।
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