झाबू राखड डेम से अविरल राखड पानी का बहाव.....
झाबू राखड डेम से अविरल राखड पानी का बहाव.....
कोरबा संवाद न्यूज कोरबा /ऊर्जाधानी सीएसईबी पश्चिम दर्री का राखड डेम हसदेव नदी किनारे झाबू ग्राम के अधिग्रहित जमीन पर निर्मित है। यहां के निवासियों के कथनानुसार राखड डैम का राखड युक्त पानी निरंतर बहता रहता है। इस पानी से यहां के कृषि जमीन को भी प्रभावित करता है । डैम से बहिर्गमीत इस पानी की राखड़ को कम करने के लिए संयंत्र लगाया गया है। इस संयंत्र का सदुपयोग ना करते हुए निरंतर राखड पानी बहाया जा रहा है जो सीधे हसदेव नदी में प्रवाहित हो रहा है, जिससे नदी में राखड़ का भारी मात्रा में जमा हो रहा है और इसके आसपास गांव वालों को राखड़ युक्त पानी से गुजर बसर नहाना धोना पड़ता है जो कई तरह के चर्मरोग जैसे बीमारियों का शिकार होना पड़ता है। यह डेम सीएसईबी कर्मचारी मनोज मारकंडे की देखरेख में निहित है। यहां बिना निगरानी के पर्यावरण संरक्षण को दरकिनार कर निरंतर राखड पानी का बहाव किया जा रहा है । इस पर पर्यावरण विभाग का भी सज्ञान में नहीं रखता है,और न हीं इन पर कोई उनका नियंत्रण है । मिली जानकारी अनुसार कभी भी जांच के लिए आते हैं तो डैम के लगे संयंत्रों तक नहीं पहुंचते हैं । ऑफिस से ही मानक रिकॉर्ड दस्तावेज के आधार पर खानापूर्ति किया जा रहा है जो घोर लापरवाही व निष्क्रियता को दरसात है
सेंसर लगा कक्ष से नहीं होता राखड पानी का निर्गमन,
यहां डैम के नीचे अंतिम छोर पर निर्मित राखड युक्त पानी की मात्रा मापक यंत्र कक्ष निर्मित है,। पर राखड युक्त पानी का निर्गमन न करते हुए इस कक्ष के किनारे से समरुप बना नाली से बहिर्गमन कर दिया जाता है
डेम के बीच बना राखड छनित संयंत्र,
डेम में राखड़ युक्त पानी को छानने के लिए छन्नीदार कनात लगाकर चारों तरफ़ से घेरा लगाकर छनित पानी को निष्कासित किया जाता है। यहां इस छन्नीदार कनात को निकालकर निरंतर राखड पानी का बहाव किया जाता है, जो घोर लापरवाही को दर्शाता है।
हसदेव दर्री बांध मे राखड हो रहा जमा,
यहां सीएसईबी कर्मचारी द्वारा अनियंत्रित राखड पानी बहाव से दर्री हसदेव बांध मे राखड का जमा होना स्वाभाविक है,। जिससे बांध का भराव क्षमता दिन प्रतिदिन कम होता जा रहा है। जो इस बांध से पानी आपूर्ति मे बाधा उत्पन्न कर सकता है।
डेम के बीच बना राखड छनित संयंत्र,
डेम में राखड़ युक्त पानी को छानने के लिए छन्नीदार कनात लगाकर चारों तरफ़ से घेरा लगाकर छनित पानी को निष्कासित किया जाता है। यहां इस छन्नीदार कनात को निकालकर निरंतर राखड पानी का बहाव किया जाता है, जो घोर लापरवाही को दर्शाता है।
हसदेव दर्री बांध मे राखड हो रहा जमा,
यहां सीएसईबी कर्मचारी द्वारा अनियंत्रित राखड पानी बहाव से दर्री हसदेव बांध मे राखड का जमा होना स्वाभाविक है,। जिससे बांध का भराव क्षमता दिन प्रतिदिन कम होता जा रहा है। जो इस बांध से पानी आपूर्ति मे बाधा उत्पन्न कर सकता है।



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