पक्का मकान तैयार होने के बाद खुश है कि बुढ़ापे में परेशान नहीं होना पड़ेगा.....
बाल पकते ही पक्के आवास का सपना छोड़ चुकी थी छेरकीन बाई..... पक्का मकान तैयार होने के बाद खुश है कि बुढ़ापे में परेशान नहीं होना पड़ेगा..... कोरबा संवाद न्यूज़ / जंगलों के बीच कच्चे मकान में बसर कर रही छेरकीन बाई को लगता था कि एक दिन वे लोग भी पक्के मकान में निवास करेंगे। घर की गरीबी और परिस्थितियों ने ऐसे मोड़ पर लाकर खड़ा कर दिया कि पक्का आवास का सपना महज सपना ही रह गया। वक्त के साथ छेरकीन बाई अकेली ही अपनी झोपड़ी में रह गई। बच्चे भी नहीं थे। बुढ़ापे में बाल पक गए, उम्मीदें टूट गई और इन टूटे हुए उम्मीदों के बीच उन्हें बारिश के दिनों समस्याओं से जूझना पड़ता था। इस बीच प्रधानमंत्री आवास योजना में उनका नाम चयन होने के बाद जब पक्के मकान के लिए पहली किस्त मिली तो वृद्धा छेरकीन बाई ने अपने सगे संबंधियों की मदद से मकान तैयार करा लिया। अब जबकि बारिश का माहौल है, तब भी छेरकीन बाई को छत से पानी टपकने और खपरैल ठीक कराने की समस्याओं से दो चार होना नहीं पड़ता। कोरबा विकासखण्ड अंतर्गत वनांचल ग्राम केराकछार की रहने वाली छेरकीन बाई ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास में नाम आने के बाद उन...